बैंगलोर। ऐसा नहीं कि पहली बार लड़कियों पर लड़कियों के बलात्कार के लिए इस तरह का बयान दिया गया हो, भारत में राजनेताओं ने कई बार ऐसे विवादास्पद बयान दिए हैं, जिससे की महिलाओं की निजी जिदंगीयों पर हमले हुए हो। इस बार लिंगायत समुदाय की धर्मगुरू माथे महादेवी ने एक बार फिर लड़कियों के चुस्त कपड़े पहनने पर ऐसा बयान दे दिया है कि जहां भारत में महिला शसक्तिकरण की
बात चल रही है, इस समय यह बयान क्या रंग लेगा यह आने वाला समय ही तय कर पाएगा। एक तरफ जहां देश महिला सशक्तिकरण पर जोर दे रहा है वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो पैर खींच कर इसे गर्त में ढ़केलने की कोशिश में लगे हैं। एक ताजा कर्नाटक से आया है। यहां के लिंगायत समुदाय के धर्मगुरु ने लड़कियों के भड़काऊ कपड़ों को बलात्कार की बड़ी वजह ठहराया है। इस बयान के बाद से बवाल मच गया है और राजनीति तेज हो गई है। इतना ही नहीं लिंगायत समुदाय की धर्मगुरु माथे महादेवी ने सरकार से वेश्यावृत्ति को लीगल करने की अपील भी की है जिससे रेप की घटनाओं पर काबू पाया जा सके। माथे महादेवी की इस शर्मनाक बयान के बाद से सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्घ्थान इस बयान के विरोध में अपनी आवाज उठा रहे हैं। इसके अलावा छात्र भी जगह-जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आपको बता दें कि माथे महादेवी उत्तर कनार्टक के कूडाला संगम में लिंगायत के धार्मिक केंद्र बसावा धर्मपीठ की पीठाध्यक्ष हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक महादेवी ने कर्नाटक के धारवाद में लड़कियों के पहनावे को निशाने पर लिया और कहा कि लड़किया जितना भड़काऊ कपड़े पहनेंगी बलात्कार के मामले उतने ही बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि लड़कियों को वेस्घ्टर्न ड्रेस का त्याग कर देना चाहिए और ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जिससे उनकी संस्घ्कृति झलके। आज के युवाओं में सांस्घ्कृतिक मूल्घ्यों की कमी है। उन्घ्होंने आगे कहा कि लड़कियों के चुस्घ्त कपड़े अपराधियों को रेप करने के लिए उकसाते हैं। महादेवी ने कहा कि महिलाएं उनकी सुरक्षा में बने कानूनों का गलत इस्घ्तमाल कर रही हैं। उन्घ्होंने सरकार से भी रेप वेश्घ्यावृत्ति को लीगल करने की मांग की। महादेवी ने कहा कि वेश्घ्यावृत्ति को लीगल कर देने की मांग करने वाली मैं पहली इंसान नहीं हूं। यह मांग समाज का कई वर्ग कर चुका है। अगर इसे लीगल नहीं किया गया तो महिलाओं के साथ होने वाले रेप, यौन छेड़छाड़ में कमी नहीं आएगी।
बात चल रही है, इस समय यह बयान क्या रंग लेगा यह आने वाला समय ही तय कर पाएगा। एक तरफ जहां देश महिला सशक्तिकरण पर जोर दे रहा है वहीं कुछ लोग ऐसे हैं जो पैर खींच कर इसे गर्त में ढ़केलने की कोशिश में लगे हैं। एक ताजा कर्नाटक से आया है। यहां के लिंगायत समुदाय के धर्मगुरु ने लड़कियों के भड़काऊ कपड़ों को बलात्कार की बड़ी वजह ठहराया है। इस बयान के बाद से बवाल मच गया है और राजनीति तेज हो गई है। इतना ही नहीं लिंगायत समुदाय की धर्मगुरु माथे महादेवी ने सरकार से वेश्यावृत्ति को लीगल करने की अपील भी की है जिससे रेप की घटनाओं पर काबू पाया जा सके। माथे महादेवी की इस शर्मनाक बयान के बाद से सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्घ्थान इस बयान के विरोध में अपनी आवाज उठा रहे हैं। इसके अलावा छात्र भी जगह-जगह पर प्रदर्शन कर रहे हैं। आपको बता दें कि माथे महादेवी उत्तर कनार्टक के कूडाला संगम में लिंगायत के धार्मिक केंद्र बसावा धर्मपीठ की पीठाध्यक्ष हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक महादेवी ने कर्नाटक के धारवाद में लड़कियों के पहनावे को निशाने पर लिया और कहा कि लड़किया जितना भड़काऊ कपड़े पहनेंगी बलात्कार के मामले उतने ही बढ़ेंगे। उन्होंने आगे कहा कि लड़कियों को वेस्घ्टर्न ड्रेस का त्याग कर देना चाहिए और ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जिससे उनकी संस्घ्कृति झलके। आज के युवाओं में सांस्घ्कृतिक मूल्घ्यों की कमी है। उन्घ्होंने आगे कहा कि लड़कियों के चुस्घ्त कपड़े अपराधियों को रेप करने के लिए उकसाते हैं। महादेवी ने कहा कि महिलाएं उनकी सुरक्षा में बने कानूनों का गलत इस्घ्तमाल कर रही हैं। उन्घ्होंने सरकार से भी रेप वेश्घ्यावृत्ति को लीगल करने की मांग की। महादेवी ने कहा कि वेश्घ्यावृत्ति को लीगल कर देने की मांग करने वाली मैं पहली इंसान नहीं हूं। यह मांग समाज का कई वर्ग कर चुका है। अगर इसे लीगल नहीं किया गया तो महिलाओं के साथ होने वाले रेप, यौन छेड़छाड़ में कमी नहीं आएगी।


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