चोपता एक खूबसूरत पहाड़ी है जो की उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में समुद्री तल से 2680 मीटर की ऊंचाई पर स्थित स्टेशन है। इस गंतव्य को मिनी स्विट्ज़रलैंड के नाम से भी जाना जाता है। इसे ये उपाधि अपनी लुभावनी प्राकृतिक सुंदरता और हरे भरे घास के मैदानों जिसे बुग्यल्स भी कहा जाता है, के लिए मिली है। पर्यटक यहाँ से चौखम्बा, त्रिशूल और नंदा देवी जैसी पर्वत श्रृंखलाओं का शानदार नजारा देख सकते हैं। यह क्षेत्र गढ़वाल हिमालय के सबसे सुंदर स्थानों में से एक है।
जनवरी-फरवरी के महीनों में आमतौर पर बर्फ की चादर ओढ़े इस स्थान की सुंदरता जुलाई-अगस्त के महीनों में देखते ही बनती है। इन महीनों में यहां मीलों तक फैले मखमली घास के मैदान और उनमें खिले फूलों की सुंदरता देखने योग्य होती है। प्राचीन शिव मंदिर से डेढ़ किमी की ऊंचाई चढ़ने के बाद चौदह हज़ार फीट पर चंद्रशिला नामक चोटी है जहाँ ठीक सामने से छू लेने योग्य हिमालय का विराट रूप देखा जा सकता है। चारों ओर बिखरी शान्ति में ऐसा लगता है मानो आप प्रकृति की ही गोद में बैठे हो।
यहाँ का मुख्य आकर्षण तुंगनाथ मंदिर सबसे अधिक ऊँचाई पर स्थित शिव मंदिर है। मंदिर चोपता से ३ किलोमीटर दूर स्थित है। मान्यता है कि यह मंदिर 1000 वर्ष पुराना है और यहाँ भगवान शिव की पंच केदारों में से एक के रूप में पूजा होती है। ऐसा माना जाता है की इस मंदिर का निर्माण पाण्डवों द्वारा भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए किया गया था। तुंगनाथ की चोटी तीन धाराओं का स्रोत है, जिनसे अक्षकामिनी नदी बनती है।
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