उत्तराखंड में कई जिलाधिकारी ऐसे हैं, जो अपने कामों से जनता के बीच लोकप्रिय होते जा रहे हैं। चाहे आप बात मंगलेश घिल्डियाल की कीजिए, जो अपनी कर्तव्यनिष्ठा की वजह से लोगों के मददगार साबित हो रहे हैं। चाहे आप बात हरिद्वार के डीएम दीपक रावत की करें, जिन्होंने भ्रष्टाचारियों के चंगुल में फंसे सिस्टम को मुक्त करने के लिए अभियान छेड़ा है। चाहे फिर आप बात टिहरी की जिलाधिकारी सोनिका की ही कर लीजिए, जो अपने कामों की वजह से लोकप्रिय डीएम बनती जा रही हैं।
इन सब डीएम की एक खासियत है और वो है कर्तव्य परायणता। टिहरी जिले की डीएम सोनिका अब उस गांव में पहुंची, जहां आज तक शायद ही कोई जिलाधिकारी पहुंचा होगा। तीन किलोमीटर पैदल चलकर डीएम सोनिका पुजाल्डी गांव पहुंची। लोगों ने जब जिलाधिकारी को देखा तो आश्चर्य में पड़ गए। लोगों को अपनी आंखों पर एक बार के लिए यकीन ही नहीं हुआ। लोगों को ये विश्वास नहीं हो रहा था कि क्या सच में उनके गांव में कोई जिलाधिकारी आया है। गांव वालों को जब ये बात पता चली तो डीएम सोनिका का शानदार स्वागत किया गया। एक एक कर गांव वालों ने अपनी समस्याएं डीएम को बताई। कुछ समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। ग्रामीणों ने डीएम सोनिका की आवभगत में कोई कमी नहीं छोड़ी। डीएम के लिे गांव वालों ने स्थानीय व्यंजन परोसे। पुजाल्डी गांव चंबा ब्लॉक में पड़ता है।
जब डीएम सोनिका वहां पहुंची, तो ग्रामीण अपने-अपने घरेलू कामों में जुटे थे। इसी दौरान अचानक जिलाधिकारी सोनिका उनके पास आ पहुंची। डीएम ने महिलाओं से बातचीत की और उनकी परेशानियों को जाना। पहले तो सभी लोग इस जिलाधिकारी को साधारण महिला समझकर बातचीत कर रहे थे। लेकिन जब उन्हें पता चला कि ये कोई और नहीं बल्कि जिलाधिकारी हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिलाधिकारी ने गांव वालों को विकास से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। गांव वालों को बताया कि किस तरह से वो अपने कामों से रोजगार के साधन पैदा कर सकते हैं। जब अलग अलग विभागों के अधिकारियों को पता चला कि पुजाल्डी गांव में डीएम पहुंची हैं, तो धीरे धईरे वहां अधिकारी भी जुटने शुरू हो गए। जिलाधिकारी ने मौके पर ही जल संस्थान को आदेश दिए कि क्षेत्र में पानी की समस्या का तुरंत निवारण किया जाए।
इसके साथ ही बिजली विभाग को भी डीएम सोनिका ने आदेश दिए कि जल्द से जल्द बिजली की परेशानी का समाधान किया जाए। पुजाल्डी गांव में कुल 62 परिवार हैं, जिसमें से ज्यादातर परिवार गांव से पलायन कर चुके हैं। जिलाधिकारी ने पुजाल्डी गांव को जनपद के सौड़ की तर्ज पर विकसित करने की बात कही।
इन सब डीएम की एक खासियत है और वो है कर्तव्य परायणता। टिहरी जिले की डीएम सोनिका अब उस गांव में पहुंची, जहां आज तक शायद ही कोई जिलाधिकारी पहुंचा होगा। तीन किलोमीटर पैदल चलकर डीएम सोनिका पुजाल्डी गांव पहुंची। लोगों ने जब जिलाधिकारी को देखा तो आश्चर्य में पड़ गए। लोगों को अपनी आंखों पर एक बार के लिए यकीन ही नहीं हुआ। लोगों को ये विश्वास नहीं हो रहा था कि क्या सच में उनके गांव में कोई जिलाधिकारी आया है। गांव वालों को जब ये बात पता चली तो डीएम सोनिका का शानदार स्वागत किया गया। एक एक कर गांव वालों ने अपनी समस्याएं डीएम को बताई। कुछ समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया। ग्रामीणों ने डीएम सोनिका की आवभगत में कोई कमी नहीं छोड़ी। डीएम के लिे गांव वालों ने स्थानीय व्यंजन परोसे। पुजाल्डी गांव चंबा ब्लॉक में पड़ता है।
जब डीएम सोनिका वहां पहुंची, तो ग्रामीण अपने-अपने घरेलू कामों में जुटे थे। इसी दौरान अचानक जिलाधिकारी सोनिका उनके पास आ पहुंची। डीएम ने महिलाओं से बातचीत की और उनकी परेशानियों को जाना। पहले तो सभी लोग इस जिलाधिकारी को साधारण महिला समझकर बातचीत कर रहे थे। लेकिन जब उन्हें पता चला कि ये कोई और नहीं बल्कि जिलाधिकारी हैं तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जिलाधिकारी ने गांव वालों को विकास से संबंधित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। गांव वालों को बताया कि किस तरह से वो अपने कामों से रोजगार के साधन पैदा कर सकते हैं। जब अलग अलग विभागों के अधिकारियों को पता चला कि पुजाल्डी गांव में डीएम पहुंची हैं, तो धीरे धईरे वहां अधिकारी भी जुटने शुरू हो गए। जिलाधिकारी ने मौके पर ही जल संस्थान को आदेश दिए कि क्षेत्र में पानी की समस्या का तुरंत निवारण किया जाए।
इसके साथ ही बिजली विभाग को भी डीएम सोनिका ने आदेश दिए कि जल्द से जल्द बिजली की परेशानी का समाधान किया जाए। पुजाल्डी गांव में कुल 62 परिवार हैं, जिसमें से ज्यादातर परिवार गांव से पलायन कर चुके हैं। जिलाधिकारी ने पुजाल्डी गांव को जनपद के सौड़ की तर्ज पर विकसित करने की बात कही।


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