आईपीएल को 2013 के दौरान स्पॉट फिक्सिंग से जो बदनामी मिली, उसे मिटाने की दिशा में पहला कदम उठा है। एमएस धोनी की टीम चेन्नै सुपरकिंग्स के साथ अजिंक्य रहाणे की टीम राजस्थान रॉयल्स को आईपीएल से दो साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है। इन टीमों के अधिकारी गुरुनाथ मयप्पन और राज कुंद्रा को बीसीसीआई की क्रिकेट संबंधी गतिविधियों में शामिल होने से हमेशा के लिए बैन कर दिया है।आईपीएल की दो बार की चैंपियन चेन्नै सुपरकिंग्स और सबसे पहले आईपीएल की विजेता रही राजस्थान रॉयल्स को सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित कमिटी ने तगड़ा झटका दिया है।

कमिटी का फैसला सुनाते हुए पूर्व चीफ जस्टिस आर. एम. लोढ़ा ने कहा कि चेन्नै सुपरकिंग्स के टीम प्रिंसिपल मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स चलाने वाले जयपुर आईपीएल के सह मालिक राज कुंद्रा की वजह से क्रिकेट की काफी बदनामी हुई है, इसलिए इनके साथ नरमी नहीं बरती जा सकती। कुंद्रा और मयप्पन को सट्टेबाजी का दोषी करार देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में लोढ़ा की अध्यक्षता में कमिटी बनाई थी और इनकी सजा तय करने को कहा था। मयप्पन एन. श्रीनिवासन के दामाद हैं, जो चेन्नै सुपरकिंग्स का मालिक कंपनी इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के एमडी हैं।
इंडिया सीमेंट्स को आड़े हाथ लेते हुए कमिटी ने कहा कि मयप्पन को सट्टेबाजी का दोषी पाए जाने के बावजूद उसने कोई कार्रवाई नहीं की। मयप्पन टीम का चेहरा था और सट्टेबाजी करता था। टीम अधिकारी का नियम तोड़ना बेहद गंभीर अपराध है। कुंद्रा के बारे में जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि उन्होंने बीसीसीआई के नियमों को तोड़ा और सट्टेबाजी की।
भारत में सट्टेबाजी अपराध है। जयपुर आईपीएल ने दावा किया था कि उसकी पहचान खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में है लेकिन उसके तीन खिलाड़ियों पर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा था। इससे पता चलता है कि उसके अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। मयप्प्न और राज कुंद्रा की कारगुजारियों से क्रिकेट, बीसीसीआई और आईपीएल की इस कदर बदनामी हुई कि लोगों में यह आशंका बन गई कि यह खेल साफ सुथरा है भी या नहीं।
कमिटी का फैसला सुनाते हुए पूर्व चीफ जस्टिस आर. एम. लोढ़ा ने कहा कि चेन्नै सुपरकिंग्स के टीम प्रिंसिपल मयप्पन और राजस्थान रॉयल्स चलाने वाले जयपुर आईपीएल के सह मालिक राज कुंद्रा की वजह से क्रिकेट की काफी बदनामी हुई है, इसलिए इनके साथ नरमी नहीं बरती जा सकती। कुंद्रा और मयप्पन को सट्टेबाजी का दोषी करार देने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में लोढ़ा की अध्यक्षता में कमिटी बनाई थी और इनकी सजा तय करने को कहा था। मयप्पन एन. श्रीनिवासन के दामाद हैं, जो चेन्नै सुपरकिंग्स का मालिक कंपनी इंडिया सीमेंट्स लिमिटेड के एमडी हैं।
इंडिया सीमेंट्स को आड़े हाथ लेते हुए कमिटी ने कहा कि मयप्पन को सट्टेबाजी का दोषी पाए जाने के बावजूद उसने कोई कार्रवाई नहीं की। मयप्पन टीम का चेहरा था और सट्टेबाजी करता था। टीम अधिकारी का नियम तोड़ना बेहद गंभीर अपराध है। कुंद्रा के बारे में जस्टिस लोढ़ा ने कहा कि उन्होंने बीसीसीआई के नियमों को तोड़ा और सट्टेबाजी की।
भारत में सट्टेबाजी अपराध है। जयपुर आईपीएल ने दावा किया था कि उसकी पहचान खिलाड़ियों की नर्सरी के रूप में है लेकिन उसके तीन खिलाड़ियों पर स्पॉट फिक्सिंग का आरोप लगा था। इससे पता चलता है कि उसके अंदर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। मयप्प्न और राज कुंद्रा की कारगुजारियों से क्रिकेट, बीसीसीआई और आईपीएल की इस कदर बदनामी हुई कि लोगों में यह आशंका बन गई कि यह खेल साफ सुथरा है भी या नहीं।

0 Comments