तक़रीबन 2 महीने पहले योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तर प्रदेश स्तिथ मुगलसराय स्टेशन का नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र के पास भेजा था रेलवे मंत्रालय, IB व गृह मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश सरकार के इस प्रस्ताव को आज स्वीकार कर लिया और अब मुगलसराय नाम का स्टेशन हो जायेगा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर
पर इसका जमकर विरोध हुआ राज्यसभा में सपा के सांसद नरेश अग्रवाल से लेकर कांग्रेस के नेताओं और साथ ही साथ वामपंथी नेताओं ने भी योगी सरकार विरोध किया और मुगलसराय नाम का समर्थन किया सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने बीजेपी और योगी आदित्यनाथ का विरोध किया और कहा की मुगलसराय का नाम बदलकर सरकार सांप्रदायिकता फैला रही है
नरेश अग्रवाल ने कहा की मुगलसराय एक ऐतहासिक नाम है, ये पुराने और महान इतिहास की निशानी है, बीजेपी केवल अपना एजेंडा चला रही है, मुगलसराय नाम बिलकुल भी नहीं बदला जाना चाहिए बता दें की ये नरेश अग्रवाल वही सांसद है जिसने पिछले दिनों राज्यसभा में हिन्दुओ की धार्मिक आस्था को ठोकर मारी थी, इस नेता को मुगलों का इतिहास बहुत प्यारा और महान लगता है, मुग़ल बहुत महान लगते है ये सेकुलरों की ही सोच है की, बलात्कारी और हत्यारे इनको महान लगते है
बता दें की मुग़ल भारतीय नहीं बल्कि विदेशी आक्रांता थे, जिन्होंने भारत में हिन्दुओ का कत्लेआम किया, मंदिर तोड़े, मंदिरों पर मस्जिदें बनाई, और नरेश अग्रवाल जैसे लोगों को ये इतिहास ऐतहासिक लगता है Source: http://www.dainikbharat.org/2017/08/blog-post_98.html
पर इसका जमकर विरोध हुआ राज्यसभा में सपा के सांसद नरेश अग्रवाल से लेकर कांग्रेस के नेताओं और साथ ही साथ वामपंथी नेताओं ने भी योगी सरकार विरोध किया और मुगलसराय नाम का समर्थन किया सपा सांसद नरेश अग्रवाल ने बीजेपी और योगी आदित्यनाथ का विरोध किया और कहा की मुगलसराय का नाम बदलकर सरकार सांप्रदायिकता फैला रही है
नरेश अग्रवाल ने कहा की मुगलसराय एक ऐतहासिक नाम है, ये पुराने और महान इतिहास की निशानी है, बीजेपी केवल अपना एजेंडा चला रही है, मुगलसराय नाम बिलकुल भी नहीं बदला जाना चाहिए बता दें की ये नरेश अग्रवाल वही सांसद है जिसने पिछले दिनों राज्यसभा में हिन्दुओ की धार्मिक आस्था को ठोकर मारी थी, इस नेता को मुगलों का इतिहास बहुत प्यारा और महान लगता है, मुग़ल बहुत महान लगते है ये सेकुलरों की ही सोच है की, बलात्कारी और हत्यारे इनको महान लगते है
बता दें की मुग़ल भारतीय नहीं बल्कि विदेशी आक्रांता थे, जिन्होंने भारत में हिन्दुओ का कत्लेआम किया, मंदिर तोड़े, मंदिरों पर मस्जिदें बनाई, और नरेश अग्रवाल जैसे लोगों को ये इतिहास ऐतहासिक लगता है Source: http://www.dainikbharat.org/2017/08/blog-post_98.html


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