
उत्तराखंड के लिए मौसम विभाग की चेतावनी एक बार फिर से सही साबित हुई है। गढ़वाल और कुमाऊं के कई इलाकों में बीती रात से बारिश का दौर शुरू हो चुका है। केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री ,यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब में हल्की बारिश के साथ ऊंची चोटियों पर हिमपात हुआ है। इससे सर्द हवाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि इन सर्द हवाओं ने निचले इलाकों को राहत जरूर दी है। इसके अलावा यमुनोत्री धाम के प्रमुख पड़ाव बड़कोट के पास ओजरी में पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। बताया जा रहा है कि यहां लगातार बोल्डर गिरने से चारों ओर धूल के गुबार उठ रहे हैं। वैकल्पिक मार्ग को तेजी से बनाया जा रहा है। आशंका है कि कभी भी इस रूट पर बडज़ा हादसा हो सकता है। पांच किलोमीटर लंबे मार्ग के निर्माण से यमुनोत्री यात्रा साढ़े तीन किलोमीटर लंबी हो जाएगी।
इसके साथ ही ऊंची चोटियों पर हुए हिमपात और लगातार हो रही बारिश ने लोगों की आफत बढ़ाने का काम कर दिया है। मौसम विभाग का कहना था कि आने वाले एक या दो दिन में ही उत्तराखंड में पहाड़ं का मौसम बदल जाएगा। हुआ भी कुछ ऐसा ही। देखा जा रहा है कि बर्फबारी की वजह से पहाड़ों पर चलने वाली सर्द हवाएं लोगों की परेशानी का सबब बन रही हैं। इस बीच बारिश ने आफत और ज्यादा बढ़ा दी है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 48 घंटे पहाड़ों के लिए मुश्किल भरे रह सकते हैं। कुमाऊं में चम्पावत और नैनीताल जिलों में भूस्खलन की घटनाएं हुईं। चम्पावत जिले में पूर्णागिरि धाम के दर्शन करने जा रहे लखनऊ के श्रद्धालुओं की कार पर मलबा गिरा। हालांकि कार में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं। उधर नैनीताल जिले के हैडाखान मार्ग पर भी भारी भूस्खलन हुआ है।
इससे हैड़ाखान मंदिर और एक दर्जन से अधिक गांवों की आवाजाही बंद हो गई है। देहरादून सहित गढ़वाल और कुमाऊं के कई इलाकों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है। वहीं, मौसम विभाग ने गढ़वाल और कुमाऊं में अगले 48 घंटे में भारी बारिश की चेतावनी का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले 24 घंटों में तेज बर्फबारी और बारिश से लोगों की आफत बढ़ सकती है। वैसे देखा जाए तो मौसम विभाग ने जब जब ुत्तराखंड के लिए भविष्यवाणी की है, वो सही ही साबित हुई है। एक बार फिर से आने वाले 48 घंटों का अल्टीमेटम दिया गया है। इसलिए इस बार संभलकर रहें, सावधान रहें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर आपदा विभाग को सूचित कर दें।
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